कब तक मृत पशुओं का बोझ उठाएगी पब्लिक

                                

प्रतिदिन एक पशु ट्रेन की चपेट में आता है, नगर परिषद मृत पशुओं को उठाने का ठेका देने में नाकाम

                                                                                 डबवाली दर्पण  

शहर के बीचो-बीच होकर गुजरने वाले रेलवे टै्रक पर प्रतिदिन औसतन एक पशु चपेट में आने का आंकड़ा है। रेलवे टै्रक के दोनों ओर शहर की प्रमुख बस्तियां है और अनेक रिहायशी इलाके हैं लेकिन रेलवे विभाग ने टै्रक के दोंनो और कोई सुरक्षा के इंतजामात नहीं किए हैं जिसके कारण अकसर आवारा और बेहसहारा पशु ट्रैन की चपेट में आने से अकाल मौत का ग्रास बन रहे हैं तो वहीं सबसे बड़ी विडंबना यह है कि नगर परिषद ने पिछले लंबे समय से मृत पशु उठाने का ठेका तक नहीं दिया है जिसके चलते लोगों को अपने निजी कोष से मृत पशु उठवाने पड़ रहेे हैं। बुधवार की सुबह एक और पशु चलती टे्रन की चपेट में आ गया। आस-पास के लोगों ने नगर परिषद को सूचित किया लेकिन नगर परिषद ने मृत पशु को उठाने का ठेका अलाट न किए जाने का कारण बताकर पल्ला झाड़ लिया। आस-पास के लोगों  ने बताया कि मृत पशु उठाने का काम करने वाले लोग 500 से 1000 रूपये की मांग करते हैं। 
यहां के पार्षद  ने बताया कि इस क्षेत्र के अधिकतर लोग मेहनत मजूदरी करने वाले हैं और यह लोग पशु को उठवाने के लिए इतना पैसा खर्च नहीं कर सकते जबकि यह जिम्मेवारी नगर परिषद की है लेकिन नगर परिषद द्वारा पिछले लंबे समय से मृत पशु उठाने का ठेका नहीं दिया है जिसके कारण शहर के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है