कर्ज के बोझ तले दब रहे मैरिज पैलेस व बक्वैंट हॉल संचालक
सरकार व प्रशासन की सख्त हिदायतों के कारण कार्यक्रम स्थागित
करनेे को हो रहे मजबूर, किराया व लेबर का खर्च बन रहा बोझ
डबवाली दर्पण

पंजाब सरकार के आदेश पर जिला प्रशासन द्वारा मैरिज पैलेस व मैरिज पैलेस व बक्वैंट हाल संचालकों को अधिक से अधिक 50 लोगों को कार्यक्रम में हिस्सा लेने के आदेश दिए गए। जिसे संचालकों ने सहर्ष स्वीकार किया लेकिन इसके साथ ही जिला प्रशासन द्वारा कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का डाटा प्रस्तुत करने के अतिरिक्त सैनेटाइजर, ग्लबज व मास्क सहित अन्य सुविधाएं भी देने के निर्देश दिए गए। इन सभी को भी संचालक स्वीकारने को तैयार हैं। किंतु, प्रशासनिक अधिकारियों से मंजूरी लेने की प्रक्रिया को भी अत्याधिक कठिन बना दिया है।

दोगली नीति का शिकार हो रहे हैं: राजेंद्र बांसल
डबवाली दर्पण
सरकार व प्रशासन की सख्त हिदायतों के कारण कार्यक्रम स्थागित
करनेे को हो रहे मजबूर, किराया व लेबर का खर्च बन रहा बोझ
डबवाली दर्पण

कोविड-19 के तहत मार्च माह के अंतिम सप्ताह में किए गए लॉकडाऊन के बाद बीती एक जून को केंद्र व प्रदेश सरकार ने अनलॉक-1 की घोषणा तो कर दी लेकिन अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों तो अनेक रियायतें प्रदान की गई और इसी के साथ मैरिज पैलेस व बक्वैंट हाला संचालकों को भी विशेष हिदायतों के साथ कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति तो प्रदान की गई किंतु इस अनुमति के पीछे जिन दिशा-निर्देशों की पालना करने के आदेश दिए गए हैं उन्हें पूरा कर पाना किसी के लिए संभव नही है।
जैसा की डबवाली की भौगालिक स्थिति अन्य शहरों की अपेक्षा अत्याधिक भिन्न है। डबवाली शहर पंजाब की सीमा से एकदम सटा हुआ है और हरियाणा और पंजाब के लोगों के बीच व्यापारिक गतिविधियां बड़े स्तर पर होती है यानि दोनों की प्रदेश के लोग एक दूसरे के पूरक है। पंजाब के जिला श्रीमुक्तसर साहिब व तहसील मलेाट के अंर्तगत आने वाली मंडी किलियांवाली क्षेत्र में लगभग एक दर्जन मैरिज पैलेस व बैंक्वंट हाल हैं। सरकार व जिला प्रशासन द्वारा मैरिज पैलेस व बक्वैंट हाल में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए इस तरह के कठिन दिशा-निर्दश दिए गए हैं जिनके कारण संचालकों को कार्यक्रम लगातार स्थागितक करने को मजबूर ही नहीं होना पड़ रहा बल्कि लगभग तीन माह के इस अंतराल में बुकिंग हो जाने के बावजूद कार्यक्रमों को लगातर रद्द करने करने पड़े। मैरिज पैलेस के संचालकों पर किराया व लेबर आदि का खर्च अधिक पडऩे के कारण कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता ही जा रहा है।
पंजाब सरकार के आदेश पर जिला प्रशासन द्वारा मैरिज पैलेस व मैरिज पैलेस व बक्वैंट हाल संचालकों को अधिक से अधिक 50 लोगों को कार्यक्रम में हिस्सा लेने के आदेश दिए गए। जिसे संचालकों ने सहर्ष स्वीकार किया लेकिन इसके साथ ही जिला प्रशासन द्वारा कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का डाटा प्रस्तुत करने के अतिरिक्त सैनेटाइजर, ग्लबज व मास्क सहित अन्य सुविधाएं भी देने के निर्देश दिए गए। इन सभी को भी संचालक स्वीकारने को तैयार हैं। किंतु, प्रशासनिक अधिकारियों से मंजूरी लेने की प्रक्रिया को भी अत्याधिक कठिन बना दिया है।
दोगली नीति का शिकार हो रहे हैं: राजेंद्र बांसल
डबवाली दर्पण
इस विषय को लेकर रिगल पैलेस के संचालक राजेन्द्र बांसल (बिट्टू)
से बात की तो उन्होंने बताया कि पंजाब के जिला प्रशासन ने मैरिज पैलेस व बक्वैंट हाल में कार्यक्रम आयोजित करने को लेकर जो दिशा-निर्देश दिए गए हैं वह हरियाणा से अलग हैं। किलिंयावाली क्षेत्र हरियाणा की सीमा से सटे होने कारण यहां दोनों प्रदेशों के लोग कार्यक्रम आयोजित करते हैं लेकिन प्रशासन का रवैया सही न होने के कारण दोगली नीति के तहत दिशा-निर्देश बनाए गए हैं। इसके बावजूद सभी नियमों का पालन कर रहे हैं लेकिन एक-एक व्यक्ति का बायोडाटा लेना आसान नहीं है जिसके कारण बहुत सीमुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।


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