श्री प्रेम प्रकाश गोयल जी एक नेक दिल इंसान थे 



डबवाली दर्पण  
श्री प्रेम प्रकाश गोयल, प्रधान श्री गौशाला मंडी डबवाली का जन्म 19 जुलाई 1941 को पिता लाला हंस राज जी (मटृदादू) एवम् माता सदावंती के घर मंडी डबवाली में हुआ ‌‌। 

उन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा  राजकीय उच्च विद्यालय मंडी डबवाली से प्राप्त की। अपने आठ भाई बहनों में सबसे बड़े होने के कारण अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों का एहसास उन्हें अल्पायु में हो गया और इसी कारण वे बहुत छोटी उम्र में अपने परिवारिक व्यापार में अपने पिता जी के साथ हाथ बटाने लग गए। विभिन्न व्यापारो में  शिघ्र ही निपुन्नता हासिल कर वे बॉम्बे क्लॉथ हाउस, नवयुग क्लॉथ हाउस, श्री गिरधारी जिन्निंग एवं कॉटन मिल्स, गणेशा मल नानक चंद( कमिशन एजेंट) में अपना योगदान देते हुए अपने परिवार की बढ़ोतरी में अग्रसर रहे। उलेखनीय है कि आप जी ने कच्ची आढ़तिया एसोसिएशन मंडी डबवाली के सचिव पद्द को सुशोभित किया ।
अपने चारो पुत्रो एवं एक पुत्री के अच्छे पालन पोषण एवं उनमें उच्च संस्कारो के बीज वपन का श्रेय वे अक्सर अपनी धर्म पत्नी स्वर्गीय श्रीमती विद्या देवी को देते थे। 
व्यापार के साथ-साथ उन्होंने शिक्षा को विशेष महत्व देते हुए अपने पुत्रों- पुत्री एवं  पौत्रो-पौत्रियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया और सफल हुए।
सामाजिक कार्यों में श्री प्रेम प्रकाश ने सदा बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और गौ सेवा में उन्होंने विशेष योगदान दिया वह पूर्व में लंबे अरसे तक श्रीगौशाला मंडी डबवाली के सचिव और वर्तमान में प्रधान पद पर रह कर निस्वार्थ सेवाभाव से गौसेवा कर रहे थे। उन्होंने अपने जीवन काल में अग्रवाल समाज एवं सामाजिक कुरीतियां का विरोध किया। इस सेवा की चर्चा शहरवासी आने वाले वक्त में सदा करते रहेंगे।
 रंगमंच में अपनी रुचि के कारण  1957 में श्री रामनगर नाटकीय क्लब मंडी डबवाली  की स्थापना की एवं एक कलाकार के रूप में काम करते रहे। हर वर्ष रामलीला में दशरथ, मेघनाथ, परशुराम का रोल अदा करने के साथ-साथ उन्होंने सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध विभिन्न नाटकों में हिस्सा लिया। अपनी सेहत पर विशेष ध्यान देने वाले श्री प्रेम प्रकाश जी युवा पीढ़ी के लिए सदा प्रोत्साहन का स्रोत रहेंगे। अपने सांसारिक जीवन को संपूर्ण कर वे 20 जुलाई 2019 को प्रभु के चरणों में सदा के लिए विलीन हो गए। परमपिता परमात्मा श्री प्रेम प्रकाश गोयल जी जैसे नेक दिल इंसान व पवित्र आत्मा को अपने श्री चरणों मे स्थान दे और उनके परिवार के सदस्यों को इस दुख की घड़ी को  सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

                                       ।। जय श्री राम।।