फट्टी चद्दर पर पैंबद नहीं, नई चद्दरों पर गलीचा बिछाने की तैयारी
पॉश कॉलोनी हुडा में साढ़े पांच करोड़ से बनाई जाएंगी सडक़ें, शहर की गलियां हुई गड्डों में तबदील, इन पर नहीं नगर परिषद की इनायत
डबवाली दर्पण
विधानसभा चुनाव का समय निकट आता देख मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को जहां प्रदेश में विकास कार्य करवाने की चिंता सताने लगी है जो बीते पौने पांच वर्ष में दिखाई नहीं दी। इसी के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने हर जिला, हर कस्बा के प्रशासनिक तंत्र व निकाय विभागों को यह आदेश जारी कर दिए हैं कि उनके द्वारा की गई घोषणाओं को जल्द से जल्द अमलीजामा पहनाया जाए।
पाठकों से अनुरोध है कि इस खबर पर अपने विचार इन नम्बरों पर दें 92540-11566,
93166-11566
हुडा के मुख्य मार्ग का होगा निर्माण
डबवाली दर्पण
इस विषय पर नगर परिषद के जेई सुशील कुमार से बात की तो उन्होंने बताया कि हुडा क्षेत्र अब नगर परिषद के अधीन है और इस क्षेत्र का मुख्यमार्ग जो जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा गहरीमल योजना डालने के लिए उखाड़ा गया है उसका निर्माण किया जाना है। इसके अतिरिक्त हुडा क्षेत्र की भीतरी सडक़ों जिनके किनारे क्षतिग्रस्त हो चुके हंै उन्हें बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त शहर के विभिन्न वार्डों की गलियों के बारे में उन्होंने बताया कि प्रत्येक वार्ड की गलियों का पुर्ननिर्माण किया जाना है और इसके लिए अनेक बार टैंडर प्रक्रिया जारी की गई लेकिन कोई भी ठेकेदार शहर की गलियों का टैंडर आवेदन करने को तैयार नही है। जिसके कारण कार्य बाधित हो रहा है।
अपने वार्ड की भी बनवाएंगे गलियां:पार्षद पवन
अधिकारियों और पार्षदों की खिंचतानी के कारण नही हुए काम
डबवाली दर्पण प्रदेश में पहली बार सत्तासीन हुई भाजपा की सरकार से बड़ी उम्मीद जगी थी कि दशकों तक उपेक्षा का शिकार रहें डबवाली का अब विकास होगा। अधिकारियों, पार्षदों व भााजपाईयों की आपसी खींचतान की वजह से शहर का विकास नहीं हो पाया। परिणाम स्वरूप शहर के विकास अटके पड़े है। विभिन्न वार्डों में कच्ची और टूटी गलियां पिछले कई वर्षों से पक्का होने का इंतजार कर रही है।
पॉश कॉलोनी हुडा में साढ़े पांच करोड़ से बनाई जाएंगी सडक़ें, शहर की गलियां हुई गड्डों में तबदील, इन पर नहीं नगर परिषद की इनायत
डबवाली दर्पण
विधानसभा चुनाव का समय निकट आता देख मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को जहां प्रदेश में विकास कार्य करवाने की चिंता सताने लगी है जो बीते पौने पांच वर्ष में दिखाई नहीं दी। इसी के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने हर जिला, हर कस्बा के प्रशासनिक तंत्र व निकाय विभागों को यह आदेश जारी कर दिए हैं कि उनके द्वारा की गई घोषणाओं को जल्द से जल्द अमलीजामा पहनाया जाए।
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद पूरा प्रशासनिक तंत्र हरकत में आ गया है और प्रत्येक शहर और कस्बे की नगर परिषद और नगर पालिकाओं के अधिकारी व पार्षद मुख्यमंत्री के माध्यम से जारी की गई राशि से शहर के विकास की बुनियाद डालने को बेताब हो चले हैं। इसी बेताबी के चलते मंडी डबवाली की नगर परिषद में बीते मंगलवार को अकसमात आम बैठक का अयोजन कर मुख्यमंत्री द्वारा जारी 10 करोड़ रूपये की राशि से शहर में विकास करवाने की इबारत लिख डाली गई। नगर परिषद प्रधान व उप-प्रधान सहित मात्र 8 पार्षदों ने अधिकारियों के साथ आम बैठक आयोजित कर 10 करोड़ रूपये लागत से होने वाले विकास कायों की तहरीर लिख डाली।
इस बैठक में जो प्रस्ताव रखे गए और जिन पर 8 पार्षदों की सहमति बनी उनमे से एक है साढ़े पांच करोड़ रूपये की लागत से अनाज मंडी के साथ लगते पॉश इलाके हुडा कालोनी की सडक़ों का निर्माण करवाने बाबत। अन्य विकास कार्यों को छोडक़र यदि केवल हुडा में साढ़े पांच करोड़ रूपये की लागत से बनाई जाने वाली सडक़ों की बात की जाए तो इसमें कहीं न कहीं भ्रष्टाचार की भेंट चढऩे की आशंका को बल मिल रहा है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि हुडा कॉलोनी अभी तक पूरी तरह विकसित ही नही हुई। इसके इलावा हुडा की सडक़ें एक दम दुरूस्त हैं तो फिर इनका पुर्ननिर्माण क्यों और किस लिए?
यह पॉश इलाका है यहां संभ्रात लोग निवास करतेे हैं और सडक़ों के नव-निर्माण की आवश्यकता ही नही है। जबकि इसके विपरित पूरे शहर की गलियां पूरी तरह गड्डों में तबदील हो चुकी हैं और सभी वार्डों के लोग अकसर गलियों के निर्माण के लिए नगर परिषद से गुहार लगाते रहे हैं लेकिन बैठक में इस पर चर्चा तक नहीं की गई जबकि ठीक इसके विपरित पूर्व में हुई बैठकों में शहर की 90 गलियों का नवनिर्माण करवाने के लिए अनेक बार प्रस्ताव रखे गए लेकिन उन प्रस्तावों पर ग्रहण ही लगा रहा। आखिर ऐसा क्यों? इसी तरह के अनेक सवाल हैं जो शहर के लोग नगर परिषद से करने को आतुर हैं। सबसे बड़ी विडम्बना तो यह है कि मंगलवार को हुई बैठक मैं जो 8 पार्षद मौजूद थे और जिनके समक्ष यह प्रस्ताव रखे गए और उन्होंने अपनी सहमति भी व्यक्त कर दी, लेकिन हैरान करने वाली बात तो यह है कि उक्त सभी पार्षदों के वाडऱ्ों की गलियां पूरी तरह से क्षतिग्रस्त ही नहीं हो चुकी बल्कि गड्डों में तबदील हो चुकी हैं।
एक भी पार्षद ने अपने वार्ड की गलियों को दुरूस्त करने या नवनिर्माण करवाने की बात तक नहीं कि आखिर ये नगर पार्षद अपने वार्ड वासियों, जिनके मतों के बूते पर यह पार्षद चुनकर आए हैं उनके प्रति इनकी क्या कोई जिम्मेवारी नही है? सूत्र बताते हैं कि इसके पीछे भ्रष्टाचारी की कहानी लिखी जानी है। अधिकारी व पार्षद साढ़े पांच करोड़ की भारी भरकम राशि से दुरूस्त सडक़ों का निर्माण कर अखिर क्या साबित करना चाहते हैं? इस पर आमजन को भी विचार करने की जरूरत है। पाठकों से अनुरोध है कि इस खबर पर अपने विचार इन नम्बरों पर दें 92540-11566,
93166-11566
हुडा के मुख्य मार्ग का होगा निर्माण
डबवाली दर्पण
इस विषय पर नगर परिषद के जेई सुशील कुमार से बात की तो उन्होंने बताया कि हुडा क्षेत्र अब नगर परिषद के अधीन है और इस क्षेत्र का मुख्यमार्ग जो जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा गहरीमल योजना डालने के लिए उखाड़ा गया है उसका निर्माण किया जाना है। इसके अतिरिक्त हुडा क्षेत्र की भीतरी सडक़ों जिनके किनारे क्षतिग्रस्त हो चुके हंै उन्हें बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त शहर के विभिन्न वार्डों की गलियों के बारे में उन्होंने बताया कि प्रत्येक वार्ड की गलियों का पुर्ननिर्माण किया जाना है और इसके लिए अनेक बार टैंडर प्रक्रिया जारी की गई लेकिन कोई भी ठेकेदार शहर की गलियों का टैंडर आवेदन करने को तैयार नही है। जिसके कारण कार्य बाधित हो रहा है।
अपने वार्ड की भी बनवाएंगे गलियां:पार्षद पवन
डबवाली दर्पण नगर परिषद की मंगलवार को हुई आम बैठक जिसमें साढ़े पांच करोड़ की लागत से हुडा क्षेत्र की सडक़ों का निर्माण किए जाने पर सहमति व्यक्त की गई। इस बैठक मेंं मात्र 8 पार्षद मौजूद थे।
जिनमें वार्ड 3 के पार्षद पवन बांसल भी मौजूद थे। इस विषय पर उनसे बात की तो उन्होंने यह स्वीकार किया वह बैठक में मौजूद थे उनके समक्ष ही हुडा की सडक़ों का निर्माण साढ़े पांच करोड़ की राशि से किया जाना है। अपने ही वार्ड में टूटी-फूटी गलियों के बारे में उन्होंने बताया कि पूर्व की बैठकों में वार्ड की सभी गलियों का प्रस्ताव वे डलवा चुके हैं और मंगलवार को हुई बैठक में भी उन्होंने गली जिम्मी आईसक्रीम वाली सहित तीन अन्य गलियों का प्रस्ताव डलवाया है। इस सवाल का उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया कि हुडा क्षेत्र की सडक़ों के लिए साढ़े पांच करोड़ की राशि जारी कर दी गई जबकि शहर की अन्य किसी गली के लिए कोई राशि जारी नहीं की गई।
डबवाली दर्पण प्रदेश में पहली बार सत्तासीन हुई भाजपा की सरकार से बड़ी उम्मीद जगी थी कि दशकों तक उपेक्षा का शिकार रहें डबवाली का अब विकास होगा। अधिकारियों, पार्षदों व भााजपाईयों की आपसी खींचतान की वजह से शहर का विकास नहीं हो पाया। परिणाम स्वरूप शहर के विकास अटके पड़े है। विभिन्न वार्डों में कच्ची और टूटी गलियां पिछले कई वर्षों से पक्का होने का इंतजार कर रही है।


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