गुरु नानक कॉलेज में मनाया महिला दिवस
                                        स्त्री सशक्तिकरण की सख्त जरूरत:पूनम
डबवाली दर्पण           
किलियांवाली। 
गुरु नानक कॉलेज वुमेन सेल द्वारा महिला दिवस के मद्देनजर एक व्याख्यान का आयोजन किया गया, जिसका विषय था ‘भारतीय जीवन दृष्टि एवं समाज परिवर्तन में महिलाओं की भूमिका’। इस विषय पर अपने विचार रखने के लिए कॉलेज सेमिनार हाल में एमपी कालेज की प्राचार्य डॉ. पूनम वधवा पहुंची। कॉलेज पहुंचने पर वुमन सेल से मैडम सुरिंदर कपिला और डॉ. सीमा जिंदल ने मुख्य वक्ता का स्वागत किया एवं उनका परिचय दिया।  मुख्य वक्ता ने पुरातन समाज में स्त्री-सम्मान व गरिमा के बारे में बताया कि भारतीय वेदों, उपनिषदों में स्त्री को देवी का स्थान दिया गया था, उसमें स्त्री और पुरुष को एक दूसरे के पूरक बताया गया है। एक गृहणी के रूप में भी जो दायित्व घर- परिवार और बच्चों के प्रति स्त्री निभा सकती है, वह कोई नहीं निभा सकता। रानी झांसी, जीजाबाई, मदर टेरेसा, दीपा मलिक आदि स्त्री सशक्तिकरण की प्रतीक रहीं परंतु दुख की बात यह है कि वर्तमान परिपेक्ष्य में जहां पुरुष प्रधान समाज में स्त्री का दर्जा निम्न होता जा रहा है  वहीं स्त्री की गरिमा भी दांव पर लगी हुई है। सो इसमें सुधार के लिए स्त्री सशक्तिकरण की जरूरत है जिसके लिए न केवल नारी को


मजबूती से सामने आना होगा बल्कि पुरुषों को भी अपनी सोच में बदलाव लाना होगा, तभी नारी दिवस मनाए जाने का प्रयास सार्थक हो पाएगा। कार्यक्रम के अंत में आज के मुख्य वक्ता मैडम वधवा द्वारा कल के लेखन प्रतियोगिता के विजेता बच्चों को अपने कर कमलों से सम्मानित किया गया। कॉलेज प्रिंसिपल डॉ सुरेंद्र सिंह ठाकुर ने आज नारी दिवस की बधाइयां देते हुए इस बात पर विशेष जोर दिया कि स्त्री का सशक्तिकरण तब तक नहीं हो सकता जब तक स्त्री अंदर से आप अपना सशक्तिकरण ना करे। डॉ.ठाकुर ने मुख्य वक्ता का यहां पहुंचने पर तहे दिल से धन्यवाद किया और कॉलेज की तरफ से उन्हें स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस मौके पर कॉलेज की सभी छात्राएं सेमिनार हॉल में उपस्थित थीं।


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