मामूली बरसात खोल देती है विकास की पोल, गलियां, चौराहे सब हो जाते हैं जलमग्र
डबवाली। जब से हरियाणा में भाजपा सरकार बनी है तब से लेकर अब तक ‘सामान विकास’ का नारा सत्तारूढ़ दल के स्थानीय नेताओं से लेकर मुख्यमंत्री तक के मुख से सुनते आ रहे हैं। इसका आभास सत्तारूढ़ दल के नेताओं के साथ-साथ मुख्यमंत्री को भी है कि डबवाली में वह सामान विकास नहीं करवा पाए हैं इसके बावजूद भी सामान विकास का नारा बुलंद करते रहे हैं। डबवाली शहर राजनीतिक रूप से हमेशा से ही शिकार रहा है। जिसके कारण यहां के लोग वर्षों से मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। शहर के लोग प्रशासनिक तंत्र और सरकार को पानी पी-पी कर तब कोसते हैं जब मामूली बरसात हो जाती है। मामूली बरसात के बाद ही शहर पूरी तरह नरक में तबदील हो जाता है। बीते एक माह से तो प्रतिदिन मौसम परिवर्तनशील बना हुआ है और इसके चलते सप्ताह में एक या दो बार रिमझिम बरसात हो रही है। वीरवार की सुबह हुई मामूली बरसात के बाद पूरे शहर की गलियां के साथ-साथ मुख्य बाजारों के अतिरिक्त अनेक साार्वजनिक स्थानों पर जलभराव हो गया तो वहीं किचडऩुमा माहौल भी उत्पन्न हो गया।
रेलवे फाटक के निकट स्थित पंजाब नैशनल बैंक के चौराहे पर बरसाती पानी जमा हो जाने से जहां वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा तो वहीं बैंक परिसर में आने वाले उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का सबब बना। वहीं दूसरी ओर मंडी रोड का निर्माण कार्य होने के कारण वाहनों की आवाजाही का रास्ता बैंक के आगे से होकर गुजरने का ही एक मात्र विकल्प बचता है। शहर की मुख्य सडक़ों और गलियों का निर्माण कार्य न हो पाने के कारण जगह-जगह गड्डे बन गए हैं और ऐसे में इन गड्डों में जलभराव होना स्वाभाविक है।
वहीं दूसरी ओर एकता नगर व आदर्श नगर की गलियां पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है और सुबह हुई बरसात के बाद लबालब हो गई हंै। शहर की समस्याओं को हमेशा ही संबंधित विभाग द्वारा नजरादांज किया गया है तो वहीं स्थानीय नेताओं ने भी कोई रूचि नहीं दिखाई। जिसके कारण शहर के लोग समस्याओं से जूझने को मजबूर हैं।
किलियांवाली से भी विकास हुआ गायब
साथ लगते पंजाब में स्थित मंडी किलियांवाली से भी विकास नाम की कोई चीज नजर नहीं आ रही। कांग्रेस सरकार के बनने के बाद इधर भी विकास नहीं पहुंचा। टूटी सडक़ें और जमा बरसाती पानी विकास की गाथा को स्वयं ही बयांं कर रही है। यह बात अलग है कि बादल सरकार के समय में कुछ गलियों का निर्माण कार्य करवाया गया था और यह कार्य दिखाई भी देता है लेकिन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हाल बेहाल हो चला है।
बस अड्डे के हालात भी नहीं अच्छे
डबवाली। बस अड्डे के भी हालात अच्छे नहीं है। मामूली बरसात में ही बस अड्डे परिसर में जलभराव हो जाता है। प्रवेश द्वार के दोनों और तो हालात बहुत ही बुरे हैं। जिसके कारण यात्रियों को बस अड्डे के कॉंऊंटर तक पहुंचने में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ता है तो वहीं वर्कशॉप के बाहर भारी मात्रा में जलभराव अपने हालात खुद ही बयान कर रहा है।


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