मीना बाजार की तंग गलियों पर दुकानदारों के होर्डिंगों और सामान का कब्जा, अतिक्रमण की सभी सीमाएं हुई पार,नगर परिषद और ट्रैफिक पुलिस ने मूंदी आंखें

डबवाली दर्पण।
पिछले लंबे समय से अतिक्रमण का दंश झेलते-झलते मीना बाजार बदहाल हो चला है। इस बात को प्रमुख बाजार में व्यापार करने वाले दुकानदार भी भली भांति जानते हैं कि उनके द्वारा दुकानों के बाहर लगाए गए होर्डिंग व रखे गए सामान से केवल यहां से गुजरने वाले राहगीर ही नहीं बल्कि वह स्वयं भी परेशान होते हैं लेकिन एक दूसरे से अधिक जगह कब्जाने की चाहत के चलते इस तरह की मुश्किल को दरकिनार कर देते हैं। बता दें कि शहर के मीना बाजार मेंमहिला सौंदर्य प्रसाधानों के अतिरिक्त रेडीमेड कपड़ों का प्रमुख केंद्र है। जिसके कारण महिलाओं का इस बाजार में आवागमन अधिक रहता है। शहरी हो या ग्रामीण हर क्षेत्र की महिलाएं खरीदारी करने के लिए यहां आती है। कुछ तो गलियां संकरी है तो कुछ अतिक्रमण के कारण यहां से निकलने वाले राहगीर जहां एक दूसरे से टकराकर निकलते हैं तो वहीं आस-पास के क्षेत्र में कहीं भी पार्किंग की सुविधा न होने के कारण संकरी गलियों में स्थित दुकानों के आगे खड़े दो पहिया वाहन रही सही कसर पूर कर देते हैं।
पिछले लंबे समय से अतिक्रमण का दंश झेलते-झलते मीना बाजार बदहाल हो चला है। इस बात को प्रमुख बाजार में व्यापार करने वाले दुकानदार भी भली भांति जानते हैं कि उनके द्वारा दुकानों के बाहर लगाए गए होर्डिंग व रखे गए सामान से केवल यहां से गुजरने वाले राहगीर ही नहीं बल्कि वह स्वयं भी परेशान होते हैं लेकिन एक दूसरे से अधिक जगह कब्जाने की चाहत के चलते इस तरह की मुश्किल को दरकिनार कर देते हैं। बता दें कि शहर के मीना बाजार मेंमहिला सौंदर्य प्रसाधानों के अतिरिक्त रेडीमेड कपड़ों का प्रमुख केंद्र है। जिसके कारण महिलाओं का इस बाजार में आवागमन अधिक रहता है। शहरी हो या ग्रामीण हर क्षेत्र की महिलाएं खरीदारी करने के लिए यहां आती है। कुछ तो गलियां संकरी है तो कुछ अतिक्रमण के कारण यहां से निकलने वाले राहगीर जहां एक दूसरे से टकराकर निकलते हैं तो वहीं आस-पास के क्षेत्र में कहीं भी पार्किंग की सुविधा न होने के कारण संकरी गलियों में स्थित दुकानों के आगे खड़े दो पहिया वाहन रही सही कसर पूर कर देते हैं।
बढ़ते अतिक्रमण के कारण यदि कोई दुघर्टना हो जाए तो बचाव कार्य के लिए आने वाले वाहन आसानी से इस बाजार में घुस नहीं पाते। मीना बाजार की हर गली यहां के दुकानदारों द्वारा किए गए अतिक्रमण की जद में है।
कभी कभार नगर परिषद व यातायात पुलिस द्वारा अतिक्रमण अभियान चलाया जाता है। ऐसी सूचना मिलते ही दुकानदार धड़ाधड़ अपना सामान व होर्डिंग दुकानों के भीतर कर लेते हैं जैसे ही अतिक्रमण हटाने वालों का काफिला गुजरता है तो फिर वहीं स्थिति उत्पन्न हो जाती है। यानि तुम डाल-डाल तो हम पात-पात। लगभग यही स्थित रेलवे रोड बाजार की भी है। यहां दुकानों के आगे रखे होर्डिंग व सामान के साथ-साथ आढ़े-टेडे पार्किंग किए गए वाहनों के कारण जाम की स्थिति बनी रहती है। ऐसे में नगर परिषद व यातायात पुलिस को संयुक्त रूप से सघन अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने की जहां सख्त आवश्यकता है तो वहीं इसे सुचारू रूप से चलाने की भी जरूरत है।
नहीं लगाए गए अग्रिशमन यंत्र
डबवाली दर्पण। प्रत्येक प्रतिष्ठान पर अग्रिशमन यंत्र लगाना बेहद जरूरी है और न लगाने पर कानूनी कार्रवाही करने का भी प्रावधान है लेकिन मीना बाजार की बात करें तो चंद प्रतिष्ठानों को छोडक़र किसी भी दुकान अथवा शो-रूम में अग्रिशमन यंत्र नहीं लगाए गए हैं। फायर बिग्रेड द्वारा भी इन दुकानदारों पर कभी भी यंत्र लगाने का दबाव नहीं डाला गया। ऐसे में यदि कोई दुघर्टना हो जाती है तब यहां के दुकानदारों के पास फायर बिग्रेड को सूचित करने के इलावा कोई विकल्प नहीं बचता। पहले तो इन गलियों में फायर बिग्रेड की गाडिय़ां यहां घुस ही नहींं पाती तो वहीं विभाग के पास भी इन गलियों में घुसने के लिए केवल दो बाइक हैं जो दुघर्टना पर काबू पाने के लिए सभी सुविधाओं से युक्त तो हंै लेकिन उनमें भी अधिक क्षमता नही है। ऐसे में दुकानदारों को भी इस पर विचार करना चाहिए कि जहां तक हो सके अतिक्रमण करने से परहेज करें और स्वयं ही अपनी दुकानों का सामान अपनी दहलीज तक सीमित रखें ताकि खरीददारी के लिए आने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
नगर परिषद नहीं कर रही सहयोग: मुरारी
डबवाली दर्पण। इस विषय पर यातायात पुलिस प्रभारी मुरारी लाल से बात की तो उन्होंने बताया कि अनेक बार अतिक्रमण अभियान नगर परिषद के सहयोग से चलाया जाता है। दुुकानदारों को जुर्माना भी किया जाता है लेकिन फिर से वहीं स्थिति उत्पन्न हो जाती है। उन्होंने स्वीकारते हुए कहा कि मीना बाजार की संकरी गलियों में अतिक्रमण की भरमार है। यहां की यातायात व्यवस्था को सुधारने तथा अतिक्रमण हटवाने के लिए अनेक बार नगर परिषद को पत्र पेषित किए जा चुके हैं लेकिन नगर परिषद के अधिकारियों की स्थाई नियुक्ति न हो पाने के कारण इसमें लगातार देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि एक बार फिर से पत्र पे्रषित किया गया है और आगामी सोमवार तक नगर परिषद के साथ मिलकर अतिक्रमण अभियान चलाए जाने की संभावना है।
बाजार का करेंगे मुआयना:ईओ
डबवाली दर्पण। मीना बाजार में बढ़ते अतिक्रमण की बात को लेकर नगर परिषद के ईओ विरेन्द्र सहारण से बात की तो उन्होंने बताया कि अभी हाल ही में उन्होंने यहां का चार्ज लिया है। मीना बाजार में किस तरह की समस्या है इस पर एसडीएम व यातायात पुलिस के साथ मिलकर जल्द ही मुआयना करेंगे और जो भी समस्या होगी उसे जल्द हल करने का काम किया जाएगा।
दो बाइक हैं आपदा से निपटने को: फायर ऑफिसर
डबवाली दर्पण। मीना बाजार की संकरी गलियों में किसी भी आपदा से बचने के लिए फायर बिग्रेड द्वारा कोई विशेष इंतजाम नहीं किए गए हैं। फायर आफिसर अश्वनी शर्मा से इस विषय को लेकर बात की तो उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा दो बाइक दी गई हैँं। एक का खर्च नगर परिषद और दूसरे का मार्केट कमेटी वहन करेगी लेकिन अभी तक इसकी जिम्मेवारी किसी ने भी नहीं ली है। जहां तक दुकानदारों और शो-रूम संचालकों द्वारा अग्रिशमन यंत्र न लगाए जाने पर उन्होंने कहा कि अभी हाल ही में उनकी नियुक्ति डबवाली में हुई है। इस विषय पर उच्चाधिकारियों से बात करने के बाद कोई योजना बनाई जाएगी और क्या कार्रवाही की जा सकती है इसके बारे में प्लान बनाया जाएगा।
मीना बाजार एसोसिएशन के प्रधान बोले नहीं मानते दुकानदार
डबवाली दर्पण। मीना बाजार एसोसिएशन के प्रधान भारत भूषण समारा कहते हैं कि अनेक बार दुकानदारों को दुकानों के बाहर सामान न रखने के लिए अनुरोध कर चुके हैं लेकिन दुकानदार कहते हैं कि उनकी दुकान की शो नहीं बनती। फिर भी एक बार फिर से दुकानदारों को समझाने का प्रयास करेंगे ताकि आने वाले ग्राहकों को परेशानी न हो और बाजार खुला-खुला सा दिखाई दे।

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