दस करोड़ की लागत से बनाई गई सब्जी मंडी का उद्घाटन सीएम ने जुलाई 2018 में किया था
डबवाली दर्पण। लगभग 10 करोड़ की अनुमानित राशि से सरक-सरक, दरक-दरक शहर से बाहरी इलाके में हुआ नई सब्जी मंडी का निर्माण कार्य पूरा हुआ। निर्माण पूरा होने के बाद लगभग 6 माह तक इस बात का इंतजार होता रहा कि आखिर कोई मंत्री-संत्री आएगा और इस मंडी का उद्घाटन कर इसे आमजन को समर्पित करेगा। आखिरकार जुलाई 2018 में वह दिन भी आ गया और मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का सिरसा आना हुआ तो नवनिर्मित सब्जी मंडी का उद्घाटन सिरसा के विश्राम गृह से ही बटन दबाकर कर दिया और लोकसंर्पक विभाग द्वारा मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा उद्घाटन करने वाले चित्र सहित पे्रस विज्ञप्ति जारी कर दी और यह समाचार समाचार पत्रों में प्रकाशित भी हो गया।
इसके बाद जो काम किया जाना था वो अब तक नहीं हो पाया। जैसे कि सब्जी व्यापारियों को दुकानें अलाट करने का या फिर सब्जी खरीद बेच का कार्य आरंभ करवाने का, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ और नई सब्जी में कबूतरों का बसेरा है तो वहीं बच्चों के लिए खेल के मैदान के अतिरिक्त कुछ भी नहीं।
इस बाबत अनेक बार स्थानीय नेताओं के बयान जारी हुए कि सब्जी व्यापारियों को दुकानें दी जाएंगी। कब दी जाएंगी और कब तक दे दी जाएंगी इसका उल्लेख किसी भी नेता ने नहीं किया। वहीं दूसरी ओर गोल बाजार के निकट स्थित पुरानी सब्जी मंडी के दुकानदारों का कहना है कि उनके पास दुकानें अलाट करने की अभी तक कोई सूचना नही है। एक सब्जी व्यापारी ने बताया कि इस मंडी के शैड के नीचे केवल प्याज और आलू की आवक सुबह-सवेरे होती है लेकिन स्थाई ठिकाना नहीं बन रहा। यहां आलू-प्याज को पुरानी सब्जी मंडी में ले जाया जाता है। उन्होंने बताया कि जब तक लाईसेंसशुदा सब्जी व्यापािरयों को दुकानें अलाट नहीं कर दी जाती तब तक नई सब्जी मंडी का आबाद होना नामुमकिन है तो वहीं पुरानी मंडी को तब तक छोड़ पाना भी संभव नही है।
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जाने को तैयार हैं, दुकानें तो मिलें: गुप्ता
डबवाली। इस विषय पर सब्जी मंडी ऐसोसिएशन के प्रधान अशोक गुप्ता से बात की तो उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इतने बड़े प्रोजेक्ट का सिरसा में बैठकर ही उदघाटन कर दिया यह तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि सब्जी मंडी के उदघाटन के लिए सीएम को डबवाली आना चाहिए था और सब्जी व्यापारियों की समस्याओं को जानकर उन्हें हल करने के साथ-साथ दुकानें आबंटित करने के लिए ठोस आश्वासन देना चाहिए था। उन्होंने कहा कि सीएम के डबवाली में न आने के कारण जहां सब्जी मंडी के व्यापारियों में निराशा के भाव उत्पन्न हुए हैं तो वहीं स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं की भी अनदेखी की गई है। प्रधान ने कहा कि सभी सब्जी व्यापारी नई मंडी में जाने को तैयार हैं लेकिन विभाग की ओर से अभी तक कोई सूचना जारी नहीं की गई।
कैलक्टर रेट पर अलाट करें दुकानें:मनोज
डबवाली दर्पण। सब्जी व्यापारी मनोज सेठी ने इस विषय पर कहा कि यदि सरकार उन्हें कलैक्ट रेट पर दुकानें मुहैया करवाती है तो वह नई सब्जी मंडी में जाने को तैयार है। उन्होंने कहा कि यदि संबंधित विभाग व सरकार ने उन्हें कलैक्टर रेट पर दुकानों के प्लाट अलाट नहीं किए तो वह किसी कीमत पर यहां से जाने को तैयार नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार व विभागीय अधिकारियों को सब्जी विक्रेताओं की समस्या को समझना चाहिए। मनोज ने कहा कि दुकानें अलाट करने से पूर्व वहां सभी सुविधाएं मुहैया करवाई जाएं तभी वह पुरानी सब्जी मंडी से जाएंगे अन्यथा नहीं। उन्होंने कहा कि पुरानी सब्जी मंडी की किसी भी नेता या अधिकारी ने आज तक कोई सुध नहीं और यदि समस्याओं से ही जूझना है तो फिर यहीं रहकर जूझ लेेंगे।


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